अल्मोड़ा में ISBT की मांग पर प्रदर्शन से पहले कार्रवाई, संघ के कार्यकर्ता हिरासत में
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अल्मोड़ा में करबला स्थित 450 नाली भूमि पर अंतरराज्यीय बस अड्डा (ISBT) निर्माण की मांग को लेकर प्रस्तावित जन-आंदोलन से पहले प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘राष्ट्रीय सेवा संघ’ के पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को रोक लिया। यह कार्रवाई क्वारब पुल के पास की गई, जहां भारी पुलिस बल तैनात था।
जानकारी के अनुसार, संघ के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमांशु जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद स्थल की ओर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जा रहे थे। इस दौरान धर्माचार्य प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी विवेकानंद सरस्वती, प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष पाठक, प्रदेश महासचिव भारतेंदु पाठक और कुमाऊं मंडल अध्यक्ष तरुण मेहरा समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे। पुलिस ने सभी को आगे बढ़ने से रोकते हुए हिरासत में ले लिया।
मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमांशु जोशी की एसडीएम संजय कुमार और सीओ बलवंत रावत से वार्ता भी हुई। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर यह कदम उठाया गया।
क्या है पूरा मामला?
राष्ट्रीय सेवा संघ का कहना है कि करबला की 450 नाली भूमि पर ISBT बनाया जाना चाहिए और यहां हुए कथित अवैध कब्जों को हटाया जाए। संगठन का दावा है कि RTI के माध्यम से मिली जानकारी में केवल नमाज चबूतरा और कब्रिस्तान का उल्लेख है, जबकि पक्की मस्जिद के निर्माण का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला।
संघ ने करीब दो माह पहले इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन संगठन का आरोप है कि उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, प्रशासन का कहना है कि संबंधित निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
संघ ने जताई नाराजगी
राष्ट्रीय सेवा संघ ने प्रशासन की कार्रवाई को “दमनात्मक” बताते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भूमि के उपयोग में पारदर्शिता की मांग की है।
आगे भी जारी रहेगा आंदोलन
संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक करबला भूमि के उपयोग को लेकर स्थिति साफ नहीं होती और जनहित में निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा।
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