कलयुगी बेटी दर्जी के साथ भागी मां ने प्यार से कहा घर चल तो पुलिस के सामने ही जड़ दिया थप्पड़


Dainik Today Khabaren /
 हल्द्वानी: संस्कारों और रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर देने वाली एक घटना ने शहर के लोगों को स्तब्ध कर दिया है। लापता हुई एक 19 वर्षीय युवती ने पुलिस चौकी के भीतर अपनी ही मां पर हाथ उठा दिया। माँ का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपनी बेटी को सुरक्षित घर वापस ले जाना चाहती थी।
क्या है पूरा मामला?
हल्द्वानी के मुखानी कोतवाली क्षेत्र से बीते दिनों एक युवती लापता हो गई थी। युवती के पिता ने रहमत नाम के एक 35 वर्षीय दर्जी पर अपनी बेटी को बहला-फूसलाकर भगाने का आरोप लगाते हुए अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस तभी से दोनों की तलाश में जुटी थी।
बैंक में पैसे निकालते वक्त पकड़े गए
पुलिस ने जब दोनों के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया, तो गुरुवार को उनकी लोकेशन शहर के एक बैंक में मिली। युवती वहां पैसे निकालने पहुंची थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को हिरासत में लिया और आरटीओ पुलिस चौकी ले आई।
ममता का अपमान: सन्न रह गए पुलिसकर्मी
जैसे ही परिजनों को सूचना मिली, वे चौकी पहुंचे। मां की ममता जागी और उन्होंने अपनी बेटी के चेहरे और सिर पर हाथ फेरते हुए प्यार से घर चलने को कहा। लेकिन युवती इस कदर आक्रोशित हो गई कि उसने घर जाने के नाम पर पुलिस के सामने ही अपनी मां को जोरदार थप्पड़ मार दिया। अपनी ही कोख से जन्मी संतान का यह व्यवहार देखकर मां और वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।
इधर, दर्जी की हिरासत की खबर मिलते ही कुछ संगठनों के लोग भी वहां पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। वे आरोपी दर्जी को उनके सामने लाने की मांग कर रहे थे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने जैसे-तैसे लोगों को समझा-बुझाकर वहां से वापस भेजा।
एसओ मुखानी, सुशील जोशी के मुताबिक, युवती और आरोपी दर्जी दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और दोनों से पूछताछ की जा रही है।
>एक कड़वा सच: यह घटना समाज में गिरते नैतिक मूल्यों और पारिवारिक विघटन की एक भयावह तस्वीर पेश करती है। जिस उम्र में बच्चों को माता-पिता का सहारा बनना चाहिए, वहां वैचारिक भटकाव इस कदर हावी है कि वे अपनों पर ही हाथ उठाने से नहीं कतरा रहे।


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